Hasya Kavita

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यह कैसी आजादी: Hasyakavita in Hindi [ Independence Day of India]

Posted On: 14 Aug, 2012 Others में

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कल स्वतंत्रता दिवस है इस मौके पर मैं कुछ लिखता इससे पहले मुझे हैदराबाद का किस्सा सुनने को मिल गया जहां कुछ मुसलमान ने भारत में पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया. खैर छोडिये अबा ध्यान देते है इस बेहतरीन हास्यकविता पर


15 अगस्त, kavitaHASYAKAVITA IN HINDI


यह कैसी आजादी

घर से निकलो

दिल डरता है?

यह कैसी आजादी

जिसमें गली गली

बम फँट पडता है?

कैसी यह आजादी

जिसमें, हम बच्चे भी नहीं सुरक्षित

कैसी यह आजादी

पापा जो मुझे विरासत में दोगे?

तुम गाँधी सुभाष जो कहते हो

वह दौर सुनहरा बीत गया

यह देश निठारी देख रहा

यह देश दिशा से हीन हुआ

तुम मेरी उंगली अब थामों

तुम मुझे दिशा तो दो पापा

क्यों भगत पडोसी के घर हो?

तुम आसमान तो दो पापा

तो हम फिर तेरा गर्व बनें.

फिर आजादी का पर्व मने..



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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rajesh mani के द्वारा
January 6, 2014

कैसे समझाऐ तुझे हम भी प्यार क़रते हैं तू निगाहे फेर लेती हो हम तुझे करते हैं अफसोस ईतना है कि जिसपर तू मरती  हो वही  सरे  आम   निलाम   तुझे करते हैं शर्म, हया तम्बाकू के साथ थुक देते हैं ए हर नई फूल के फिराक  मे रहते   हैं   ए बस  फर्क है हम इज्जत की फिकर करते हैं ओ सरे आम आई- लब- यू क   कहते हैं

lavanya के द्वारा
September 6, 2013

okay lets not get rude guys, but seriously was that a hasya kavita ? hansi ka ‘H’ bhi nahi tha issmein. (the writer should have at least added some sense to it..!!)

PRATITEE के द्वारा
September 3, 2013

I wanna fuck the writer of this fadtus poem

anandita के द्वारा
September 3, 2013

bakwasss poem yeh toh poem bhi kahne ke layak nahi

dineshaastik के द्वारा
August 15, 2012

बहुत ही तीखा एवं करारा व्यंग…..


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