Hasya Kavita

Hasya Kavita in Hindi, Hasyakavita, Funny Shayari, Funny Hindi Poems, हिन्दी हास्य कविता, हास्य कविता

272 Posts

200 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 4683 postid : 494

राम-राम जपना पराया माल: व्यंग्य (Hindi Hasya Kavita)

Posted On: 23 Oct, 2012 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

कल देशभर में रावण के अंत के प्रतीक में लोग दशहरा मनाएंगे. दशहरा पर्व के दौरान हम हर चीज याद करते हैं भगवान राम की लीला, रावण के साथ उनका युद्ध सीता माता की कथा, हनुमान जी का पराक्रम लेकिन अंतिम समय में रावण के द्वारा बोले गए शब्दों की चापलुसी पर कभी भी किसी की निगाहें नहीं जाती. आज एक हास्यकवि ने रावण की चापलुता पर निगाहें मारी है.


Hasya Kavita in Hindi

सुनते हैं मरते समय

रावण ने राम का नाम जपा

इसलिये पुण्य कमाने के साथ

स्वर्ग और अमरत्व का वरदान पाया।


उसके भक्त भी लेते

राम का नाम पुण्य कमाने के वास्ते,

हृदय में तो बसा है सभी के

सुंदर नारियों को पाने का सपना

चाहते सभी मायावी हो महल अपना

चलते दौलत के साथ शौहरत पाने के रास्ते,

मुख से लेते राम का नाम

हृदय में रावण का वैभव बसता

बगल में चलता उसका साया।


पूरा जमाना बस यही चाहे

दूसरे की बेटी सीता जैसी हो

जो राजपाट पति के साथ छोड़कर वन को जाये।


मगर अपनी बेटी कैकयी की तरह राज करे

चाहे दुनियां इधर से उधर हो जाये।


सीता का चरित्र सभी गाते

बहू ऐसी हो हर कोई यही समझाये

पर बेटी को राज करने के गुर भी

हर कोई बताये।


Hasyakavita, Ravan, Dussehra Special, HINDI HASYA KAVITA, Agnipath Poem in Hindi, Kaka Hathrasi, Hindi poem, Kavita, Hasya kavita, Kaka hathrasi, Hasya Kavita in Hindi



Tags:                         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (8 votes, average: 3.88 out of 5)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ganu ganex के द्वारा
October 26, 2012

सही है मेरे यारा


topic of the week



latest from jagran