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मां के नाम एक दर्दभरी कविता: kavita in hindiw

Posted On: 5 Jan, 2013 में

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HINDI SAD POEM IN HINDI FONT FOR FACEBOOK

दिल्ली गैंगरेप केस के बाद मैंने फेसबुक आदि पर काफी गहन निगाहें डाली और हर तरफ इस केस को लेकर फैले आक्रोश को महसूस किया. लेकिन कहीं ना कहीं मैंने यह चीज पाई कि यह  केस जितना भयानक था उतना दर्द किसी को महसूस नहीं हुआ. लेकिन एक कविता मैंने एक कवि की फेसबुक पर पढ़ी जो बेहद भावुक और दर्द भरी थी और इस केस की पीड़ा को काफी हद तक बयां करती थी तो सोचा कि आज इसे ही शेयर करता हूं. उम्मीद है आपको पसंद आएगी.


मां: एक कविता

” माँ बहुत दर्द देकर
बहुत दर्द सहकर
तुझसे कुछ कहकर ,में जा रही हूँ

आज मेरी विदाई में सब सखिया आएंगी
सफ़ेद जोड़े में लिपटी देख ,सिसक सिसक मर जायेंगी
लड़की होने का वो खुद पर अफ़सोस जताएंगी ..
माँ तू उनसे इतना कह देना ,दरिंदो की दुनिया में संभल कर रहना

माँ राखी पर जब भैया की कलाई सुनी रह जायेगी
याद मुझे कर ,जब जब उनकी आँख भर आएगी
तिलक माथे पर करने को रूह मेरी भी मचल जायेगी
माँ तू भैया को रोने मत देना ..
में हर पल उनके साथ हूँ कह देना ..



माँ .. पापा भी छुप छुप बहुत रोएंगे
में कुछ न कर पाया कह खुद को कोसेंगे
माँ दर्द उन्हें ये होने न देना
वो अभिमान है मेरा , सम्मान है मेरा
तू उनसे इतना कह देना ..



माँ तेरे लिए अब क्या कहूँ
दर्द को तेरे शब्दों में कैसे बांधू
फिर से जीना का मौका कैसे मांगू


माँ लोग तुझे सताएंगे
मुझ को आजादी देने का इल्जाम लगाएँगे
माँ सब सह लेना ..पर ये न कहना
” अगले जन्म मुझे बिटिया न देना “..

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1 प्रतिक्रिया

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indu के द्वारा
November 17, 2013

this poem is written by me….


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