Hasya Kavita

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प्रेमिका का शक मार ही डालेगा : Hasya Kavita

Posted On: 30 May, 2013  
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Hasyakavita in Hindi: नेता और कमीशन का रिश्ता

Posted On: 25 May, 2013  
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Hindi Hasyakavita: जीजा साली की खटपट

Posted On: 23 May, 2013  
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Hasyakavita in Hindi: फेसबुक सा फेस और गूगल जैसी आंखें

Posted On: 20 May, 2013  
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Hasyakavita in Hindi: बेचारे कवि के हाल

Posted On: 19 May, 2013  
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पति-पत्नी की मजेदार मैथामैटिक्स – Hasyakavita in Hindi

Posted On: 18 May, 2013  
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जवानी के वो दिन – हिन्दी हास्यकविता

Posted On: 16 May, 2013  
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Hasyakavita for Kids (हिन्दी हास्यकविता)

Posted On: 15 May, 2013  
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काका हाथरसी के मजेदार व्यंग्य (Kaka Hathrasi ki Hasyakavita)

Posted On: 14 May, 2013  
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Hasyakavita in Hindi: गांव में शादी

Posted On: 12 May, 2013  
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के द्वारा: Neha Kushwaha Neha Kushwaha

के द्वारा: Anand Bhusan Anand Bhusan

खर्राटों  की दुकानः श श श........... सावधान----सुनो लगाकर अपने कान....... खबर बडे मतलब की है, थोडी-थोडी गफलत भी है, सन्नाटों के नींद ग्राम में ,खर्राटों की दुकान सजी है। .मोलभाव कुछ नहीं यहाँ पर, किसिम-किसिम के खर्राटे हैं, कुछ ट्रेनों को टक्कर देते, कुछ मेंढक सा टर्राते हैं, कुछ में इतनी सारी ताकत ,भूकम्प भी इनसे टकराते हैं , बेसुर सा संगीत कभी ये, डिस्को जैसा भरमाते हैं , भ्रम देते और ध्वनि करते हैं , सागर की लहरों जैसे , हथियारों से लैस नहीं पर, रणभूमि में लडते जैसे , मुँह फाडे और नाक फुलाए, ये सारे बेफिक्र बडे हैं , अव्वल आने की आशा में , पूरी ताकत से लगे पडे हैं , हलचल रौनक इतनी मानो ,तडक-भडक बारात चली है, सन्नाटों के नींद ग्राम में , खर्राटों की दुकान सजी है ।            - नीलम कुलश्रेष्ठ करुण

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के द्वारा: deepaksharmakuluvi deepaksharmakuluvi

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के द्वारा: जैनित कुमार वर्मा जैनित कुमार वर्मा

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के द्वारा: Acharya Vijay Gunjan Acharya Vijay Gunjan

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हास्य कविता: सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा हम भेड़-बकरी इसके यह ग्वारिया हमारा सत्ता की खुमारी में, आज़ादी सो रही है हड़ताल क्यों है इसकी पड़ताल हो रही है लेकर के कर्ज़ खाओ यह फर्ज़ है तुम्हारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा चोरों व घूसखोरों पर नोट बरसते हैं ईमान के मुसाफिर राशन को तरशते हैं वोटर से वोट लेकर वे कर गए किनारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा जब अंतरात्मा का मिलता है हुक्म काका तब राष्ट्रीय पूँजी पर वे डालते हैं डाका इनकम बहुत ही कम है होता नहीं गुज़ारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा हिन्दी के भक्त हैं हम, जनता को यह जताते लेकिन सुपुत्र अपना कांवेंट में पढ़ाते बन जाएगा कलक्टर देगा हमें सहारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा फ़िल्मों पे फिदा लड़के, फैशन पे फिदा लड़की मज़बूर मम्मी-पापा, पॉकिट में भारी कड़की बॉबी को देखा जबसे बाबू हुए अवारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा जेवर उड़ा के बेटा, मुम्बई को भागता है ज़ीरो है किंतु खुद को हीरो से नापता है स्टूडियो में घुसने पर गोरखा ने मारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा

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के द्वारा: abhii abhii

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के द्वारा: SATYA SHEEL AGRAWAL SATYA SHEEL AGRAWAL




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