Hasya Kavita

Hasya Kavita in Hindi, Hasyakavita, Funny Shayari, Funny Hindi Poems, हिन्दी हास्य कविता, हास्य कविता

272 Posts

200 comments

Hasya Kavita


Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.

Sort by:

माशूका के खर्चे – Hasyakavita in Hindi

Posted On: 19 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 3.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

माशूका की सहेली – हास्यकविता (Hasyakavita in Hindi)

Posted On: 17 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (8 votes, average: 3.25 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

मॉडर्न रसिया (Hasyakavita in Hindi)

Posted On: 13 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (5 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

अशोक चक्रधर की हास्यकविता (Ashok Chakradhar Hasyakavita in Hindi)

Posted On: 12 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (19 votes, average: 4.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

पोपला बच्चा (Askok Chakradhar Hasyakavita in Hindi)

Posted On: 11 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (14 votes, average: 3.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

गोल तोंद का राज (Hasyakavita in Hindi)

Posted On: 9 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (12 votes, average: 4.33 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

काकी की बनारसी साड़ी ( Hasyakavita in Hindi)

Posted On: 7 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (11 votes, average: 3.27 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

आशिकों के लिए खास कविता (Hasyakavita in Hindi)

Posted On: 4 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (14 votes, average: 3.29 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

हंसो – हंसो खुलकर हंसो (अशोक चक्रधर हास्यकविता)

Posted On: 3 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (24 votes, average: 4.25 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

1 Comment

चुल्लूभर पानी (Kaka Hathrasi Hasyakavita in Hindi)

Posted On: 1 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (21 votes, average: 2.19 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

1 Comment

Page 6 of 28« First...«45678»1020...Last »

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: Neha Kushwaha Neha Kushwaha

के द्वारा: Anand Bhusan Anand Bhusan

खर्राटों  की दुकानः श श श........... सावधान----सुनो लगाकर अपने कान....... खबर बडे मतलब की है, थोडी-थोडी गफलत भी है, सन्नाटों के नींद ग्राम में ,खर्राटों की दुकान सजी है। .मोलभाव कुछ नहीं यहाँ पर, किसिम-किसिम के खर्राटे हैं, कुछ ट्रेनों को टक्कर देते, कुछ मेंढक सा टर्राते हैं, कुछ में इतनी सारी ताकत ,भूकम्प भी इनसे टकराते हैं , बेसुर सा संगीत कभी ये, डिस्को जैसा भरमाते हैं , भ्रम देते और ध्वनि करते हैं , सागर की लहरों जैसे , हथियारों से लैस नहीं पर, रणभूमि में लडते जैसे , मुँह फाडे और नाक फुलाए, ये सारे बेफिक्र बडे हैं , अव्वल आने की आशा में , पूरी ताकत से लगे पडे हैं , हलचल रौनक इतनी मानो ,तडक-भडक बारात चली है, सन्नाटों के नींद ग्राम में , खर्राटों की दुकान सजी है ।            - नीलम कुलश्रेष्ठ करुण

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: yatindranathchaturvedi yatindranathchaturvedi

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: deepaksharmakuluvi deepaksharmakuluvi

के द्वारा:

के द्वारा: जैनित कुमार वर्मा जैनित कुमार वर्मा

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: Acharya Vijay Gunjan Acharya Vijay Gunjan

के द्वारा:

हास्य कविता: सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा हम भेड़-बकरी इसके यह ग्वारिया हमारा सत्ता की खुमारी में, आज़ादी सो रही है हड़ताल क्यों है इसकी पड़ताल हो रही है लेकर के कर्ज़ खाओ यह फर्ज़ है तुम्हारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा चोरों व घूसखोरों पर नोट बरसते हैं ईमान के मुसाफिर राशन को तरशते हैं वोटर से वोट लेकर वे कर गए किनारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा जब अंतरात्मा का मिलता है हुक्म काका तब राष्ट्रीय पूँजी पर वे डालते हैं डाका इनकम बहुत ही कम है होता नहीं गुज़ारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा हिन्दी के भक्त हैं हम, जनता को यह जताते लेकिन सुपुत्र अपना कांवेंट में पढ़ाते बन जाएगा कलक्टर देगा हमें सहारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा फ़िल्मों पे फिदा लड़के, फैशन पे फिदा लड़की मज़बूर मम्मी-पापा, पॉकिट में भारी कड़की बॉबी को देखा जबसे बाबू हुए अवारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा जेवर उड़ा के बेटा, मुम्बई को भागता है ज़ीरो है किंतु खुद को हीरो से नापता है स्टूडियो में घुसने पर गोरखा ने मारा सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: abhii abhii

के द्वारा:

के द्वारा: gopalkdas gopalkdas

के द्वारा: gopalkdas gopalkdas

के द्वारा:

के द्वारा: vijariyo vijariyo

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: SATYA SHEEL AGRAWAL SATYA SHEEL AGRAWAL




latest from jagran